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इस के लेख़क हैं आशीष श्रीवास्तव
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शुक्रवार , 23 जनवरी 2009 |
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अपोलो कार्यक्रम यह संयुक्त राज्य अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा की मानव उड़ानो की एक श्रंखला थ। इस मे सैटर्न राकेट और अपोलो यानो का प्रयोग किया गया था।
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आखरी बार संपादन किया गया ( मंगलवार , 30 जून 2009 )
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इस के लेख़क हैं आशीष श्रीवास्तव
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मंगलवार , 22 जनवरी 2008 |
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सृष्टि से पहले सत नहीं था, असत भी नहीं अंतरिक्ष भी नहीं, आकाश भी नहीं था छिपा था क्या कहाँ, किसने देखा था उस पल तो अगम, अटल जल भी कहाँ था ऋग्वेद(१०:१२९) से सृष्टि सृजन की यह श्रुती लगभग पांच हजार वर्ष पुरानी यह श्रुती आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी इसे रचित करते समय थी। सृष्टि की उत्पत्ती आज भी एक रहस्य है। सृष्टि के पहले क्या था ? इसकी रचना किसने, कब और क्यों की ? ऐसा क्या हुआ जिससे इस सृष्टि का निर्माण हुआ ?
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इस के लेख़क हैं आशीष श्रीवास्तव
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सोमवार , 19 जनवरी 2009 |
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प्रेमचन्द हिन्दी के युग प्रवर्तक लेखक है| प्रेमचंद की भाषा सरल और सजीव और व्यावहारिक है। उसे साधारण पढ़े-लिखे लोग भी समझ लेते हैं। प्रेमचंद की भाषा भावों और विचारों के अनुकूल है। गंभीर भावों को व्यक्त करने में गंभीर भाषा और सरल भावों को व्यक्त करने में सरल भाषा को अपनाया गया है। इस कारण भाषा में स्वाभाविक उतार-चढ़ाव आ गया है। प्रेमचंद जी की भाषा पात्रों के अनुकूल है। प्रस्तूत कहानी मेरी पसँदिदा कहानीयो मे से एक है| जब भी मै इस कहानी को पढता हूँ, मुझे मेरा बचपन याद आ जाता है| छोटे भाई की शरारते और बडे भाई के बडे होने की मजबूरी कहानी को मनोरँजक तो बनाती है लेकिन इस कहानी कि बडी विशेषता है इसे छोटे भाई के द्वारा कहलवाना !
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आखरी बार संपादन किया गया ( गुरुवार , 22 जनवरी 2009 )
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